Protest against Taliban: जुल्म की इबारत - nbt editorial how can you trust the taliban who wrote story of atrocities
इन प्रदर्शनों को देखकर लगता है कि लोग उस दौर के जुल्म को भूले नहीं हैं और वे पिछले 20 वर्षों में मिली आजादी भी गंवाने के लिए तैयार नहीं हैं। इन विरोध प्रदर्शनों को जिस तरह से दबाने की कोशिश हुई, उसने नई और सुधरी हुई छवि के तालिबान के दा...