Sharir Hi Brahmand : Every Cell Is A Universe In Itself - शरीर ही ब्रह्माण्ड : प्रत्येक कोशिका ब्रह्माण्ड
Opinion News in Hindi: प्रत्येक प्राणी के साथ अनादिकाल से किए हुए कर्म का एक बहुत बड़ा संग्रह रहता है। काल के अनुसार परिपाक प्राप्त कर वे ही भिन्न-भिन्न शरीरों के आरम्भक होते हैं अर्थात् कर्म के रूप में आते-जाते हैं।
Source: patrika.com