Sharir Hi Brahmand : Karma And Srimadbhagwat Gita - शरीर ही ब्रह्माण्ड : कर्म-जीवन और गीता
Opinion News in Hindi: कर्म का हेतु है इच्छा और इच्छा का हेतु है माया। माया ईश्वर/जीव की शक्ति है। माया के कर्मों के फलों का भोग ईश्वर/जीव को करना होगा। कर्म करने की प्रेरणा होने पर प्राणों में गति होती है। प्राण प्रकृति के नहीं, पुरुष के नियंत्र...
Source: patrika.com