Book review: हॉस्टलर लड़की की ज़िदंगी से रूबरू कराती पुस्तक 'हॉस्टल डायरी'
क़िताब डायरी शैली में ही लिखी गई है,जिसमें लेखिका डायरी से ही हॉस्टल की बातें करती हैं। डायरी 26 जून 1999 की रात में लिखे गये पहले पन्ने से शुरू होकर 12 दिसंबर 2003 के आख़िरी पन्ने तक करीब 5 साल का सफ़र त�...
Source: webdunia.com