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August 28, 2021
Opinion News in Hindi: सर्वेन्द्रिय मन बाहरी जगत के सम्पर्क में रहता है, वही महन्मन भीतर का मन कहलाता है। मन सदा इच्छा के साथ पैदा होता है। हृदय में रहा करता है। कामना पूर्ति के साथ मन भी मर जाता है। हृदय चक्�...
August 21, 2021
Opinion News in Hindi: प्रत्येक प्राणी के साथ अनादिकाल से किए हुए कर्म का एक बहुत बड़ा संग्रह रहता है। काल के अनुसार परिपाक प्राप्त कर वे ही भिन्न-भिन्न शरीरों के आरम्भक होते हैं अर्थात् कर्म के रूप में आते...
August 7, 2021
Opinion News in Hindi: कृष्ण ने गीता में तीन योगों का वर्णन किया है— कर्मयोग, ज्ञानयोग, भक्तियोग। भगवान ने इन तीनों योगों का कोई विरोध नहीं किया। व्यक्ति को ही तय करना है कि कौन-सा मार्ग उसके लिए उचित रहेगा...
July 24, 2021
Sharir hi brahmand : Everything has one source शरीर ही ब्रह्माण्ड : ब्रह्माण्ड का एक ही बीज प्रत्येक बीज का शरीर कारण, सूक्ष्म व स्थूल-इन तीन भागों में विभक्त रहता है। बीज की देह स्थूल शरीर है- जैसे आम की गुठली का कवच-कठोर-द�...
July 4, 2021
- गुलाब कोठारी जीवन की पूर्णता का मूल आधार ही विवाह को माना गया है। इसके बिना पूर्ण पुरुष (ब्रह्म) से मिल पाना लगभग असंभव माना गया है। अथवा इसके लिए एक से अधिक जन्मों तक अभ्यास करना पड़ेगा। इसका ...
July 3, 2021
- गुलाब कोठारी प्रकृति स्वभाव को कहते हैं। एक बाह्य जीवन का स्वभाव है और दूसरा आभ्यन्तर स्वभाव है। बाहरी प्रकृति क्षर सृष्टि-रूप है। पांच महाभूत, मन, बुद्धि, अहंकार को अपराप्रकृति कहा है। दूस�...
June 27, 2021
Opinion News in Hindi: साथ रह लेंगे; किन्तु शादी नहीं करेंगे। इसका एक कारण यह भी है कि वहां लडक़े-लडक़ी की शिक्षा एक-सी हो गई। लडक़ी भी लडक़ों जैसे ही जी रही है। लडक़ा बनकर। न उसे पत्नी बनने की चिन्ता, न मां बनने की।
June 26, 2021
Opinion News in Hindi: कर्म का हेतु है इच्छा और इच्छा का हेतु है माया। माया ईश्वर/जीव की शक्ति है। माया के कर्मों के फलों का भोग ईश्वर/जीव को करना होगा। कर्म करने की प्रेरणा होने पर प्राणों में गति होती है। प�...
June 7, 2021
Opinion News in Hindi: जो व्यक्ति जीवन का लक्ष्य तय नहीं कर सकता, धन के आगे सृष्टि को छोटा मानता है, क्या उसकी समझ समाज या देश के काम आ सकती है? आज ऐसे ही लोग देश-दुनिया में शासन कर रहे हैं।